जनपद बदायूं

बेटियों को भी मिले बेटों की तरह समान अधिकारः अपर जिला जज

Up Namaste

बदायूं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा विधिक साक्षरता-जागरूकता शिविर का आयोजन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय शेखपुर, बदायू में किया गया है। शिविर का शुभारम्भ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं शिव कुमारी की अध्यक्षता में माँ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस मौके पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित छात्राओं को जागरूक करते हुए बताया कि छात्र-छात्राओं को शिक्षित होना चाहिये व अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिये।

एडीजे शिव कुमारी गुड टच व बैड टच के बारे में भी बालिकाओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि लडकियां एक घर को ही नहीं अपितु दो-दो घरों को रोशन करती है तथा उन्हें अच्छी शिक्षा ग्रहण करनी चाहिये साथ ही लड़कों को भी अच्छी सोच और पढाई पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में स्थापित लीगल एड क्लीनिक में अपनी समस्याओं के निराकरण निराकरण हेतु निःशुल्क विधिक सहायता के सन्दर्भ में आवेदन कर सकते है इसके अलावा उन्होंने पोक्सो एक्ट नये तीन कानून, डी.बी. एक्ट आदि के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

इस अवसर पर एडीजे ने कहा कि महिलाओं के साथ सिर्फ मारपीट करना ही घरेलु हिंसा नहीं होती है बल्कि आर्थिक तरीके से भी प्रताड़ित करना भी घरेलु हिंसा होती है। उन्होंने सीडब्लूसी व ट्रेफिक नियमों के बारे में छात्राओं को जागरूक किया, इसके अतिरिक्त उनके द्वारा स्त्री-पुरुष सामानता सम्बन्धित प्रावधानों एवं महिलाओं की सुरक्षा एवं कल्याण सम्बन्धित विधिक प्रावधानों को विस्तृत रूप में बताया गया।

इसी कम में उनके द्वारा बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुख्य उद्देश्य आपके छोटे-छोटे विवादों को समझौते के आधार पर निस्तारित कराना है, जिसके लिए न्यायालय परिसर में मध्यस्थता केन्द्र खुला हुआ है। उन्होंने बताया कि 08 मार्च को आयोजित होने वाली आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में मुकद्दमा दायर होने से पूर्व प्री-लिटिगेशन स्तर पर सुलह समझौते के आधार पर अपने वादों का निस्तारण करा सकते हैं।

Up Namaste

Leave a Reply

error: Content is protected !!