बदायूं। शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर रविवार को देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की 119 वीं जयंती पर गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनको याद करते हुए उनको श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
गोष्टी को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ओमकार सिंह ने कहा कि बाबू जगजीवन राम ने अपने राजनीतिक जीवन का आगाज कोलकाता से ही किया था कोलकाता आने के 6 महीने के भीतर ही उन्होंने विशाल मजदूर रैली का आयोजन किया इस रैली से उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को भी अपने कार्य क्षमता एवं नेतृत्व क्षमता का आभास कराया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1934 में उनकी मुलाकात बापू महात्मा गांधी से हुई और उन्होंने सन 47 तक अनेकों बार जेल जाकर देश के स्वतंत्रता दिलाने के लिए संघर्ष किया।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुन्नालाल सागर ने कहा कि जब अंग्रेज फूट डालो राज करो नीति अपनाते हुए दलितों को सामूहिक धर्म परिवर्तन करने पर मजबूर कर रहे थे तब बाबूजी ने इस अन्यायपूर्ण कर्म को रोका । इस घटना के बाद बाबूजी दलितों के सर्व मान्य राष्ट्रीय नेता के रूप में माने जाने लगे।
गौष्ठी में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने कहा की जब पाकिस्तान से भारत का युद्ध हुआ उसे समय वह कैबिनेट में रक्षा मंत्री थे उन्होंने अपने रण कौशल से पाकिस्तान को परास्त करवाया। नेताओं ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि हम सभी लोग उनकी जयंती पर उनके बताए हुए सिद्धांतों पर चलकर देश के लिए और कांग्रेस के लिए काम करें। गोष्ठी में श्रीमती सुनीता सिंह, मुकेश बाबू शर्मा, बन्ने खां, सोनपाल वर्मा, नरेश पाल शर्मा, मोरपाल प्रजापति, जाहिद सिद्दीकी, रईस अहमद, आसमां वी, श्रीमती नूरसबा, हसन खान, शराफत अली, रामप्रकाश, जितेंद्र कुमार, श्याम कुमार, रविंद्र सिंह प्रेमपाल आदि कार्यकर्ता पदाधिकारी उपस्थित रहे।






