उझानी(बदायूं)। ब्लाक क्षेत्र के उझानी के गांव सिरसौली में आतंक कर पर्याय बन चुका जंगली सुअर ग्रामीणों के जाल में फंस ही गया। जंगली सुअर पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी जिस पर पहुंचे वन कर्मी सुअर को कटरी में छोड आए।
पिछले कुछ दिनों से गांव सिरसौली समेत दर्जनों गांव में जंगली सुअर ने खेती को नष्ट करने के साथ ग्रामीणों पर हमला करना शुरू कर दिया था जिससे ग्रामीणों में जनहानि होने की संभावना पैदा हो गई थी। सिरसौली के ग्रामीणों ने बताया कि गत 25 दिसम्बर को जंगली सुअर ने ग्रामीणों पर हमला बोला लेकिन ग्रामीण अपनी सजगता से बच गए। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे वन दरोगा शिव प्रताप ने सुअर को पकड़ने का प्रयास किया तब सुअर ने वन दरोगा को बुरी तरह से घायल कर दिया था। वन दरोगा के घायल होने के बाद भाकियू के मंडल प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने वन विभाग समेत प्रशासन से जंगली सुअर पकड़वाने की गुहार लगाई मगर डर के मारे वन विभाग की टीम जंगली सुअर को पकड़ने नही पहुंची।
जंगली सुअर से परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को अपना जाल बना कर उसकी तलाश शुरू कर दी। ग्रामीणों को दोपहर में सफलता मिल गई। ग्रामीणों ने सुअर को घेर कर जाल में फंसा लिया फिर उसे बांध कर डाल दिया। बताते है कि जंगली सुअर पकड़ने के बाद ग्रामीणों और भाकियू नेता राजेश सक्सेना ने वन विभाग को सूचना दी इसके बाबजूद कई घंटे बाद टीम गांव पहुंची और सुअर को पकड़ कर कटरीक्षेत्र में छोड़ने को अपने साथ ले गई। जंगली सुअर पकड़े जाने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है1 भाकियू नेता राजेश सक्सेना का कहना है कि सुअर भले ही पकड़ में आ गया हो लेकिन जब तक सुअरों का प्रजनन केन्द्र मेडीकल कालेज के पीछे से खत्म नही होगा तब तक खतरा बना रहेगा। श्री सक्सेना का कहना है कि वह बुधवार को इस बाबत डीएफओ से मिल कर प्रजनन केन्द्र के खात्में की बात करेंगे।




